छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला में मूक बधिर बच्चियोँ का एक मात्र छात्रावास है, यहाँ आस-पास के कई जिलों के दिव्यांग बालिकाएं रहती हैं। इनकी संख्या लगभग 108 बताई जा रही है। modi provide resource disabilities person
अभी ये छात्रावास जहां चल रहा है वहां वो तमाम सुविधाएँ उन्हें मिल रही है जो की उन्हें मिलनी चाहिए। मामला तो ये तब चर्चा में आ गया जब इन दिव्यांग बच्चियों के पुनर्वास का आदेश जिला कलक्टर ने एक ऐसे निर्माणाधीन भवन में कराने को दिया जहां कोई सुविधा ही नही है। modi provide resource disabilities person
इतना ही नही निर्माणाधीन इस छात्रावास तक पहुँचने के लिए मार्ग भी नही है। जबकि इस छात्रावास को चार दीवारी से भी नहीं घेरा गया है। इस छात्रावास में 108 मूक बधिर बच्चियोँ के लिए केवल दस कमरे और तीन शौचालय बने हुए हैं। modi provide resource disabilities person
इस छात्रावास में इतने दिव्याग बच्चियों को रखना कही से भी उचित नही दिखाई देता है। सुविधा की बात तो दूर सुरक्षा की दृष्टि से यदि देखा जाए तो मानव क्या जानवरों को भी यहां नही रखा जा सकता है। उस छात्रावास में मूक बधिर बच्चियोँ को कैसे रखा जाए। इन दिव्यांग बच्चियोँ की उम्र सात वर्ष से लेकर बीस वर्ष तक की है। modi provide resource disabilities person
तत्कालीन डीएम ने इन मूक बधिर बच्चियों को वहां सात दिनों के भीतर शिफ्ट करने का आदेश अपने कनीय अधिकारियों को दिया, तब इस आशय की खबर वहां के समाचार पत्रों में छपी। खबर छपी तो पुरे क्षेत्र में खलबली मच गई। m
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